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  • नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

    दैनिक किरनः अब नौकरी बदलते ही अपने आप ट्रांसफर होगा PFकर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नौकरीपेशा कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए भविष्य निधि (PF) ट्रांसफर प्रक्रिया को और आसान बना दिया है। अब यदि कर्मचारी का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) आधार से सत्यापित और लिंक है, तो नई कंपनी में जॉइन करते ही उसके पुराने PF खाते की राशि स्वतः नए खाते में ट्रांसफर हो जाएगी। इसके लिए अलग से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।यह नई व्यवस्था EPFO के सेंट्रलाइज्ड आईटी सिस्टम (CITES) पर स्थानांतरण के बाद लागू की गई है। इस बदलाव का उद्देश्य PF ट्रांसफर प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और पूरी तरह डिजिटल बनाना है, ताकि कर्मचारियों को नौकरी बदलने के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।पहले कर्मचारी को नौकरी बदलने के बाद PF ट्रांसफर के लिए अलग से अनुरोध (Transfer Claim) करना पड़ता था, जिसमें कई बार सत्यापन और प्रक्रिया पूरी होने में लंबा समय लग जाता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह प्रक्रिया स्वतः पूरी होगी और कर्मचारी के सभी PF खाते एक ही UAN के अंतर्गत जुड़े रहेंगे।EPFO के इस फैसले से करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि PF ट्रांसफर में होने वाली देरी और तकनीकी समस्याओं से भी राहत मिलेगी।

  • नॉर्मल पेट्रोल या E-20 डलवाएं, सरकार देगी ऑप्शन

    दैनिक किरनः सरकार जल्द ही पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को सामान्य पेट्रोल और E-20 पेट्रोल में से अपनी पसंद का पेट्रोल चुनने की आजादी दे सकती है। दोनों विकल्प देने के लिए पेट्रोल पंपों पर अलग ईंधन मशीनें लगानी होंगी और दोनों की अलग-अलग कीमत होंगी। कई वाहन चालकों की शिकायत थी कि E-20 ईंधन से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है। साथ ही इंजन खराब हो रहा है। ग्राहकों की सहूलियत को देखते हुए सरकार इसपर विचार कर रही है।

  • दवाओं की बिक्री पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

    दैनिक किरनः केंद्र सरकार ने दवाओं की बिक्री को लेकर सख्त और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन करते हुए अधिक अल्कोहल युक्त ओरल दवाओं (सिरप और टॉनिक) को ‘शेड्यूल H1’ श्रेणी में शामिल कर दिया है।नए नियमों के अनुसार, जिन ओरल दवाओं में 12 प्रतिशत से अधिक इथाइल अल्कोहल है और जिनकी पैकिंग 30 मिलीलीटर से अधिक है, उन्हें अब बिना डॉक्टर के वैध पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) के बेचना प्रतिबंधित होगा। साथ ही मेडिकल स्टोर संचालकों को ऐसी दवाओं की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड भी निर्धारित नियमों के तहत सुरक्षित रखना होगा।सरकार का उद्देश्य इन दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाना और इनके सुरक्षित एवं नियंत्रित उपयोग को सुनिश्चित करना है।

  • शराब बनाने वाली कंपनियों पर FSSAI का शिकंजा, अवैध फ्लेवर और भ्रामक दावों पर जारी हुआ नोटिस

    दैनिक किरनः देश में खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता की निगरानी करने वाली संस्था FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) ने शराब बनाने वाली कई कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। प्राधिकरण ने अवैध फ्लेवर के इस्तेमाल और उत्पादों पर भ्रामक दावे किए जाने के आरोप में संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।एफएसएसएआई की जांच के दौरान यह सामने आया कि कुछ कंपनियां रम, व्हिस्की, जिन, वाइन और बीयर जैसे मादक पेयों में नियमों के विपरीत सीधे कृत्रिम या अतिरिक्त फ्लेवर का उपयोग कर रही थीं। जबकि निर्धारित मानकों के अनुसार इन उत्पादों का स्वाद उनकी प्राकृतिक निर्माण प्रक्रिया और स्वीकृत विधियों के अनुरूप होना चाहिए। नियमों का उल्लंघन कर फ्लेवर मिलाने से उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक गुणवत्ता के बारे में भ्रमित किए जाने की आशंका जताई गई है।जांच में यह भी पाया गया कि कई कंपनियां अपने उत्पादों के लेबल पर ‘Aged’ (एज्ड), ‘Well Aged’ या इसी प्रकार के अन्य शब्दों का उपयोग कर रही थीं, जबकि इन दावों के समर्थन में आवश्यक प्रमाण या निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया था। एफएसएसएआई का मानना है कि इस प्रकार के दावे उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकते हैं और उत्पाद की गुणवत्ता के बारे में गलत धारणा बना सकते हैं।प्राधिकरण ने संबंधित कंपनियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि यदि कंपनियां संतोषजनक जवाब देने में विफल रहती हैं या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी और नियामकीय कार्रवाई की जाएगी।एफएसएसएआई की इस कार्रवाई को खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने तथा बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • यूपी में बड़ा फैसला: 75 जिला पंचायत अध्यक्ष बनाए गए प्रशासक, पंचायत चुनाव तक संभालेंगे जिम्मेदारी

    दैनिक किरनः लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायत व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए राज्य के सभी 75 जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक नियुक्त कर दिया है। इस संबंध में शासन की ओर से आदेश भी जारी कर दिया गया है।दरअसल, प्रदेश के सभी जिला पंचायत अध्यक्षों का पांच वर्षीय संवैधानिक कार्यकाल 11 जुलाई को समाप्त हो रहा है। सामान्य परिस्थितियों में कार्यकाल समाप्त होने के बाद संबंधित जिले के जिलाधिकारी (डीएम) को जिला पंचायत का प्रशासक नियुक्त किया जाता है, जो नए चुनाव होने तक प्रशासनिक कार्यों का संचालन करते हैं।हालांकि इस बार योगी सरकार ने परंपरा से अलग फैसला लेते हुए वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्षों को ही प्रशासक नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सभी अध्यक्ष आगामी जिला पंचायत चुनाव संपन्न होने और नए अध्यक्षों के पदभार ग्रहण करने तक अपने-अपने पद पर बने रहेंगे तथा जिला पंचायत के प्रशासनिक कार्यों का संचालन करेंगे।सरकार के इस निर्णय को पंचायत प्रशासन में निरंतरता बनाए रखने और विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब प्रदेश में नए जिला पंचायत अध्यक्षों के निर्वाचन तक वर्तमान अध्यक्ष प्रशासक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।

  • बेलगावी में आज से शुरू हुई RSS की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक

    दैनिक किरनः कर्नाटक के बेलगावी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक का आज शुभारंभ हो गया। बैठक की अध्यक्षता सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत एवं सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले कर रहे हैं। इसमें देशभर से संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रांत प्रचारक भाग ले रहे हैं।बैठक के दौरान संघ के शताब्दी वर्ष (2025–26) के अंतर्गत विजयादशमी तक आयोजित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही देशभर में शाखाओं के विस्तार, संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने तथा आगामी कार्ययोजना पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।

  • श्रम विभाग का बड़ा फैसला: अब वेतन से सात दिन पहले मिलेगी सैलरी स्लिप

    दैनिक किरन: औद्योगिक क्षेत्रों में कर्मचारियों द्वारा वेतन संबंधी शिकायतों और विरोध-प्रदर्शनों के बाद श्रम विभाग ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विभाग ने सभी औद्योगिक इकाइयों और कंपनियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कर्मचारियों को वेतन भुगतान से कम से कम सात दिन पहले सैलरी स्लिप उपलब्ध कराई जाए।श्रम विभाग के अनुसार, इस व्यवस्था से कर्मचारियों को वेतन, भत्तों, कटौतियों तथा अन्य विवरणों की समय रहते जांच करने का अवसर मिलेगा। यदि किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति पाई जाती है, तो कर्मचारी वेतन जारी होने से पहले ही संबंधित कंपनी या विभाग के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।विभाग का मानना है कि इस कदम से वेतन भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, अनावश्यक विवादों में कमी आएगी तथा कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। अधिकारियों ने कंपनियों से निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।साथ ही श्रम विभाग औद्योगिक क्षेत्रों में जागरूकता अभियान भी चलाएगा, ताकि कर्मचारियों को उनके अधिकारों और वेतन संबंधी नियमों की पूरी जानकारी मिल सके। यदि किसी कंपनी द्वारा निर्देशों की अनदेखी की जाती है, तो विभाग नियमानुसार कार्रवाई करेगा।

    मुख्य बिंदु-

    • वेतन से 7 दिन पहले जारी होगी सैलरी स्लिप।
    • कर्मचारी समय रहते वेतन का विवरण जांच सकेंगे।
    • त्रुटि होने पर वेतन जारी होने से पहले शिकायत दर्ज कर सकेंगे।
    • वेतन भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
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  • बिजली कटौती से बेहाल ग्रामीण, धान की खेती पर संकट

    संवाददाता प्रांजल पटेल दैनिक किरन : प्रयागराज जनपद के सराय ममरेज क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। सबसे अधिक परेशानी किसानों को झेलनी पड़ रही है, क्योंकि धान की रोपाई और सिंचाई के महत्वपूर्ण समय में पर्याप्त बिजली न मिलने से खेतों तक समय पर पानी नहीं पहुंच पा रहा है।किसानों का कहना है कि अनियमित विद्युत आपूर्ति के कारण ट्यूबवेल और सिंचाई पंप बंद पड़े हैं, जिससे धान की रोपाई प्रभावित हो रही है। समय पर सिंचाई नहीं होने से फसल की पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। किसानों ने बताया कि महीनों की मेहनत के बाद भी यदि पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।ग्रामीणों के अनुसार बिजली कटौती का असर केवल खेती तक सीमित नहीं है। बिजली न रहने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, छोटे व्यापारियों का कामकाज बाधित हो रहा है। वहीं भीषण गर्मी के बीच महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से बिजली आपूर्ति का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं है। कभी दिन में तो कभी रात के समय लंबे समय तक बिजली गुल रहती है, जिससे घरेलू कार्यों के साथ-साथ कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।किसानों और ग्रामीणों ने विद्युत विभाग तथा प्रशासन से मांग की है कि धान की खेती को देखते हुए नियमित और पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है और किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से भी इस समस्या में हस्तक्षेप कर शीघ्र राहत दिलाने की अपील की है, ताकि किसानों की फसल बचाई जा सके और ग्रामीणों को बिजली संकट से निजात मिल सके।

  • विंध्य एक्सप्रेस-वे को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज, भूमि सर्वे का कार्य अंतिम चरण में-


    दैनिक किरन संवाददाता, प्रयागराज।
    संगमनगरी प्रयागराज से सोनभद्र तक प्रस्तावित लगभग 330 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेस-वे को जमीन पर उतारने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए प्रयागराज जनपद की तीन तहसीलों सोरांव, हंडिया और फूलपुर के 73 गांवों में भूमि सर्वे का कार्य चल रहा है। इनमें से 45 गांवों का सर्वे पूरा कर भूमि चिह्नित कर ली गई है।
    प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने भूमि खरीद से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर जिला प्रशासन को भेज दिया है। अब इन प्रस्तावों का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद प्रस्ताव दोबारा यूपीडा को भेजा जाएगा, जिसके बाद भूमि खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
    प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे गंगापार क्षेत्र के सोरांव तहसील के 23, फूलपुर के 24 और हंडिया तहसील के 26 गांवों से होकर गुजरेगा। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के लिए परियोजना परामर्शी संस्था को जिम्मेदारी दी गई है। संस्था ने सोरांव के 15, फूलपुर के 18 और हंडिया के 12 गांवों का सर्वे पूरा कर नक्शे तैयार कर लिए हैं।
    जिला प्रशासन की ओर से संबंधित तहसीलों को भूमि के नक्शे उपलब्ध करा दिए गए हैं। तहसील स्तर पर जमीनों का सत्यापन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर अभिलेखों में संशोधन भी किया जाएगा। इसके बाद अंतिम प्रस्ताव यूपीडा को भेजा जाएगा। यूपीडा भूमि खरीद के लिए गजट अधिसूचना जारी करेगा।
    कई जिलों को मिलेगा लाभ
    विंध्य एक्सप्रेस-वे प्रयागराज के सोरांव क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेस-वे के पास जूड़ापुर दांदू से शुरू होकर सोनभद्र में छत्तीसगढ़ सीमा के परसा टोला तक जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे प्रयागराज के अलावा मीरजापुर, वाराणसी, चंदौली समेत कई जिलों के विकास को गति देगा।
    इसके निर्माण से उत्तर प्रदेश का संपर्क मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ से और बेहतर होगा। साथ ही दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और विंध्य क्षेत्र के बीच आवागमन आसान होने के साथ व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
    एडीएम एफआर विनीता सिंह ने बताया कि विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए यूपीडा की ओर से भूमि खरीद का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्तावों का सत्यापन कराया जा रहा है और जल्द ही रिपोर्ट यूपीडा को भेज दी जाएगी।

  • मोहिद्दीनपुर गौशाला समेत कई गौशालाओं का निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश-

    संवाददाता- प्रांजल पटेल, दैनिक किरन: प्रयागराज जनपद की प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित मोहिद्दीनपुर, सराय ममरेज सहित क्षेत्र की कई गौशालाओं का मंगलवार को उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के माननीय मंत्री श्री रमाकांत उपाध्याय द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गंगापार क्षेत्र के गोसेवा प्रमुख हरिशंकर पटेल, पूर्व प्रधान मोहिद्दीनपुर श्री राज कुमार पटेल, सत्यम पटेल सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

    निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री रमाकांत उपाध्याय ने गौशालाओं में गौवंशों की देखभाल, चारा-पानी की व्यवस्था, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधाओं एवं गौशाला संचालन की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से गौवंशों के स्वास्थ्य, रहने की व्यवस्था और नियमित निगरानी के संबंध में जानकारी प्राप्त की।मोहिद्दीनपुर गौशाला में निरीक्षण के दौरान मिली कुछ कमियों पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौवंशों की सेवा और संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।उन्होंने प्रतापपुर सचिव सहित संबंधित अधिकारियों को गौशाला की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देते हुए गोबर से जैविक खाद निर्माण, बायोगैस उत्पादन एवं गौ आधारित योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने की बात कही।

    निरीक्षण के बाद श्री रमाकांत उपाध्याय जी ने सराय ममरेज स्थित गंगापार क्षेत्र के गोसेवा प्रमुख हरिशंकर पटेल के आवास पर पहुंचकर जलपान किया। इस दौरान उपस्थित लोगों के साथ गोसेवा, गौ संरक्षण एवं गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई।मंत्री के निरीक्षण के बाद क्षेत्र की गौशालाओं में व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों में सक्रियता दिखाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौवंशों की सेवा में लापरवाही करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और सभी गौशालाओं में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।

  • बिजली कटौती के विरोध में किसानों का धरना, समाधान न होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी-


    दैनिक किरन: प्रयागराज के हंडिया स्थित विद्युत विभाग कार्यालय में आज दिनांक 25 मई 2026 को लगातार हो रही बिजली कटौती के विरोध में किसानों और क्षेत्रीय लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की।
    धरने में बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने उप जिलाधिकारी हंडिया, एसीपी हंडिया तथा अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर बिजली की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
    किसानों का कहना है कि भीषण गर्मी और लगातार बिजली कटौती से आम जनजीवन के साथ-साथ खेती-किसानी भी प्रभावित हो रही है। प्रदर्शन में मौजूद लोगों ने कहा कि समय पर बिजली आपूर्ति न होने से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
    धरना समाप्त होने के बाद आयोजकों ने सभी किसानों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भीषण गर्मी और लू के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने आंदोलन को मजबूती प्रदान की है।

  • UP पंचायत चुनाव टले, अब 2027 विधानसभा चुनाव के बाद होंगे चुनाव

    दैनिक किरनः यूपी पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश में होने वाले त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव 2026 अब विधानसभा चुनाव 2027 के बाद कराए जाने की संभावना है। 26 मई को राज्य की 57,694 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिसके बाद सरकार गांवों में प्रशासकों की नियुक्ति करेगी। इस बार सरकार ने ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाए जाने की मांग को मंजूरी दे दी है। ऐसे में प्रदेश की हजारों ग्राम पंचायतों में जल्द प्रशासक तैनात किए जाएंगे।

  • विद्युत पोल टूटने से गिरे संविदाकर्मी की उपचार के दौरान मौत, परिवार में मचा कोहराम


    दैनिक किरन प्रयागराज। प्रतापपुर क्षेत्र के गौसैसीपुर वरेस्ता गांव निवासी शिवपूजन गौड़ उर्फ बब्लू (45 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय बंशीलाल गौड़, की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। बताया गया कि दिनांक 18 मई 2026 को विद्युत विभाग के संविदा कर्मचारी कमलेश यादव द्वारा उन्हें लाइन ठीक करने के लिए बुलाया गया था।
    लाइन बनाने के दौरान अचानक विद्युत पोल टूट गया, जिससे शिवपूजन गौड़ नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सात दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उनकी मृत्यु हो गई।
    मृतक अपने पीछे पत्नी प्रेमादेवी, तीन पुत्र एवं तीन पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। पति की मौत के बाद प्रेमादेवी का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर व्याप्त है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता एवं उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की।

  • NEET पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई, कोचिंग संचालक गिरफ्तार


    दैनिक किरनः NEET पेपर लीक कांड में CBI ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए लातूर स्थित RCC क्लासेस के निदेशक शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। मेडिकल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले छात्रों के बीच उनकी कोचिंग काफी प्रसिद्ध मानी जाती है।
    जांच एजेंसियों को पूछताछ के दौरान अहम सुराग मिले हैं। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले का कथित मास्टरमाइंड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी भी लातूर का निवासी है। CBI अब दोनों के बीच संबंधों और पेपर लीक नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
    इस गिरफ्तारी के साथ ही NEET पेपर लीक मामले में अब तक कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

  • उत्तर प्रदेश में गर्मी का कहर, स्कूल बंद-

    दैनिक किरनः UP में भीषण गर्मी और लू को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। आज से 23 मई तक प्रदेश में तेज गर्म हवाएं चलने और तापमान में भारी बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 40KM प्रति घंटे की रफ्तार से लू चल सकती है। हालात को देखते हुए आगरा में स्कूलों की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। वहीं CM योगी ने सभी जिलों के अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने और अस्पतालों में हीट-स्ट्रोक वार्ड तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। लोगों से जरूरी सावधानी बरतने और दोपहर में बाहर निकलने से बचने की अपील की गई है।

  • रिलीज से पहले ही ‘रामायण’ का बड़ा रिकॉर्ड

    दैनिक किरनः रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश स्टारर बहुप्रतीक्षित फिल्म Ramayana रिलीज से पहले ही नए रिकॉर्ड बना रही है। यह फिल्म करीब 10 हजार क्रू मेंबर्स के साथ तैयार की जा रही है, जो इसे बॉलीवुड की अब तक की सबसे भव्य और बड़े स्तर पर बनाई जा रही फिल्म बना देता है।
    फिल्म का निर्माण बेहद विशाल पैमाने पर किया जा रहा है। शानदार सेट्स, हाई लेवल वीएफएक्स और दमदार स्टारकास्ट की वजह से दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मेकर्स इस फिल्म को भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी प्रस्तुति बनाने में जुटे हैं।
    बताया जा रहा है कि फिल्म दो भागों में रिलीज होगी। इसका पहला पार्ट दिवाली 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक देगा, जबकि दूसरा पार्ट दिवाली 2027 में रिलीज किया जाएगा। रिलीज से पहले ही ‘रामायण’ को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा शुरू हो चुकी है और फैंस इसे बड़े पर्दे पर देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

  • केरल में नई सरकार के बड़े फैसले, महिलाओं को फ्री बस यात्रा और कर्मचारियों की सैलरी

    दैनिक किरनः केरल में नई सरकार बनते ही बड़े ऐलानों की शुरुआत हो गई है। सोमवार को नए मुख्यमंत्री VD Satheesan ने पद एवं गोपनीयता की शपथ लेने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगा दी। इन फैसलों को आम जनता, महिलाओं और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।सरकार के सबसे चर्चित फैसलों में महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा योजना शामिल है। अब राज्य परिवहन निगम KSRTC की बसों में महिलाएं निशुल्क सफर कर सकेंगी। सरकार का कहना है कि इस योजना से महिलाओं को आर्थिक राहत मिलेगी और उनकी आवाजाही पहले से अधिक आसान होगी।इसके अलावा आशा वर्कर्स के मानदेय में ₹3000 की बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है। लंबे समय से आशा कार्यकर्ता वेतन बढ़ाने की मांग कर रही थीं। सरकार के इस निर्णय से हजारों स्वास्थ्य कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा।नई सरकार ने आंगनवाड़ी वर्कर्स, प्री-प्राइमरी शिक्षकों, कुकिंग स्टाफ और हेल्पर्स के वेतन में भी ₹1000 की वृद्धि की घोषणा की है। इससे शिक्षा और पोषण सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों में खुशी का माहौल है।कैबिनेट बैठक में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग मंत्रालय बनाने का भी निर्णय लिया गया। सरकार का कहना है कि बुजुर्गों की समस्याओं और सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।नई सरकार के इन फैसलों को जनता से जुड़ी योजनाओं की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद लिए गए इन निर्णयों से यह संकेत मिला है कि सरकार सामाजिक कल्याण और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने की तैयारी में है।

  • खुशखबरी! Aadhaar अपडेट कराने की बढ़ी समय-सीमा

    दैनिक किरनः UIDAI ने Aadhaar में विवरण मुफ्त में ऑनलाइन अपडेट कराने की अंतिम तिथि को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है। अब नागरिक 14 जून तक बिना किसी शुल्क के अपने पहचान और पते से संबंधित दस्तावेज myAadhaar पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अपडेट कर सकते हैं।यह सुविधा केवल ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। खासतौर पर उन लोगों के लिए यह बेहद लाभकारी है, जिनका Aadhaar कई वर्षों पुराना हो चुका है और जिन्होंने अब तक उसमें कोई संशोधन या अपडेट नहीं कराया है।

  • “सड़कों पर नमाज की इजाजत नहीं, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई : CM योगी”

    दैनिक किरनः माननीय योगी आदित्यनाथ ने बकरीद के अवसर पर होने वाली नमाज को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश में किसी भी हाल में सड़कों पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें आम जनता के आवागमन के लिए होती हैं, इसलिए उन्हें अवरुद्ध कर धार्मिक आयोजन करना उचित नहीं है।उन्होंने कहा कि हर धार्मिक आयोजन के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थल तय किए गए हैं और सभी कार्यक्रम वहीं आयोजित किए जाने चाहिए। सार्वजनिक मार्गों पर भीड़ जुटाने या यातायात बाधित करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है, लेकिन कानून व्यवस्था और आम लोगों की सुविधा सर्वोपरि है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आपसी संवाद, समझदारी और सौहार्द बनाए रखते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। माननीय योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि लोग समझाने और प्रेमपूर्वक किए गए अनुरोधों के बावजूद नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो सरकार कानून के तहत सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि त्योहारों के दौरान शांति, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता बरती जाए।