
दैनिक किरनः लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायत व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए राज्य के सभी 75 जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक नियुक्त कर दिया है। इस संबंध में शासन की ओर से आदेश भी जारी कर दिया गया है।दरअसल, प्रदेश के सभी जिला पंचायत अध्यक्षों का पांच वर्षीय संवैधानिक कार्यकाल 11 जुलाई को समाप्त हो रहा है। सामान्य परिस्थितियों में कार्यकाल समाप्त होने के बाद संबंधित जिले के जिलाधिकारी (डीएम) को जिला पंचायत का प्रशासक नियुक्त किया जाता है, जो नए चुनाव होने तक प्रशासनिक कार्यों का संचालन करते हैं।हालांकि इस बार योगी सरकार ने परंपरा से अलग फैसला लेते हुए वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्षों को ही प्रशासक नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सभी अध्यक्ष आगामी जिला पंचायत चुनाव संपन्न होने और नए अध्यक्षों के पदभार ग्रहण करने तक अपने-अपने पद पर बने रहेंगे तथा जिला पंचायत के प्रशासनिक कार्यों का संचालन करेंगे।सरकार के इस निर्णय को पंचायत प्रशासन में निरंतरता बनाए रखने और विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब प्रदेश में नए जिला पंचायत अध्यक्षों के निर्वाचन तक वर्तमान अध्यक्ष प्रशासक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।
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