दैनिक किरनः देश में खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता की निगरानी करने वाली संस्था FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) ने शराब बनाने वाली कई कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। प्राधिकरण ने अवैध फ्लेवर के इस्तेमाल और उत्पादों पर भ्रामक दावे किए जाने के आरोप में संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।एफएसएसएआई की जांच के दौरान यह सामने आया कि कुछ कंपनियां रम, व्हिस्की, जिन, वाइन और बीयर जैसे मादक पेयों में नियमों के विपरीत सीधे कृत्रिम या अतिरिक्त फ्लेवर का उपयोग कर रही थीं। जबकि निर्धारित मानकों के अनुसार इन उत्पादों का स्वाद उनकी प्राकृतिक निर्माण प्रक्रिया और स्वीकृत विधियों के अनुरूप होना चाहिए। नियमों का उल्लंघन कर फ्लेवर मिलाने से उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक गुणवत्ता के बारे में भ्रमित किए जाने की आशंका जताई गई है।जांच में यह भी पाया गया कि कई कंपनियां अपने उत्पादों के लेबल पर ‘Aged’ (एज्ड), ‘Well Aged’ या इसी प्रकार के अन्य शब्दों का उपयोग कर रही थीं, जबकि इन दावों के समर्थन में आवश्यक प्रमाण या निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया था। एफएसएसएआई का मानना है कि इस प्रकार के दावे उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकते हैं और उत्पाद की गुणवत्ता के बारे में गलत धारणा बना सकते हैं।प्राधिकरण ने संबंधित कंपनियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि यदि कंपनियां संतोषजनक जवाब देने में विफल रहती हैं या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी और नियामकीय कार्रवाई की जाएगी।एफएसएसएआई की इस कार्रवाई को खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने तथा बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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