
दैनिक किरनः राम मंदिर में दान चोरी के बाद CEO की नियुक्ति के विज्ञापन पर संत समाज ने कड़ा विरोध जताया है। लखनऊ (UP) में आयोजित एक कार्यक्रम में जगतगुरु सतीशाचार्य और करपात्री जी महाराज ने कहा कि मंदिर को किसी कॉर्पोरेट अधिकारी की नहीं, बल्कि रामानंदी संप्रदाय के ‘प्रधान राम सेवक’ की जरूरत है। इस दौरान महंत धर्मदास ने भी कहा कि मंदिर को ‘बिजनेस पॉइंट’ बना दिया गया है। मंदिर श्रद्धा और दासत्व से चलनी चाहिए।

