पूर्वांचल की रफ्तार बढ़ाने आ रहा विंध्य एक्सप्रेसवे: प्रयागराज से सोनभद्र तक 330 किमी का मेगा प्रोजेक्ट, 84 गांव प्रभावित-

दैनिक किरनः प्रयागराज से सोनभद्र तक लगभग 330 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे जल्द शुरू होने की उम्मीद है। यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़कर प्रदेश को पूर्व और दक्षिण दिशा में बेहतर कनेक्टिविटी देगा।
इस परियोजना की खास बात यह है कि यह सड़क नेटवर्क उत्तर प्रदेश को चार राज्यों—बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड—की सीमाओं से जोड़ने में मदद करेगा। इससे पश्चिमी यूपी और दिल्ली से आने-जाने वाले यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि उन्हें गंगा एक्सप्रेसवे से ही विंध्य एक्सप्रेसवे का लिंक मिल जाएगा।
प्रस्तावित मार्ग सोरांव, फूलपुर और हंडिया तहसीलों से गुजरते हुए मिर्जापुर और आगे सोनभद्र तक जाएगा। इस दौरान कुल 84 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, जिनकी सूची जिला प्रशासन द्वारा तैयार कर ली गई है।
तहसीलवार बात करें तो:
सोरांव के 29 गांव
फूलपुर के 24 गांव
हंडिया के 31 गांव

तहसील सोरांव खमकरनपुर, सरांय अर्जुन उर्फ हरिमडिला, गोपालपुर, बारी, शाहवपुर, जुड़ापुर दांदू, नारायनपुर, अलीपुर, सरांय लाल खातून उर्फ शिवगढ़, मलाक चतुरी, सराय भोगी, कल्याणपुर उर्फ जंगलपुर, सरांय वसिंह उर्फ सरांय बाहर, गोहरी, वजीराबाद, चक झांखर राम, उदयचंद्रपुर, मटियारा, बिगहरिया, टिकरी तालुके पंड़िला, मरियमपुर, तिल्हापुर उर्फ नाहरपुर, बनकेसर, बभनपुर डेरागदाई, ताजउद्दीनपुर, बड़नपुर, थरवई, निंदूरा, डेरागदाई

तहसील फूलपुर लखरांवा, कुसुंगुर, मलाका मय भैसाही, पुरुषोत्तमपर उर्फ गारापुर, बेरुई, देवरिया, मथुरा उर्फ पानडीह, शुकुलपुर, सोपरावारी, बेलवा, दामोदरपुर उर्फ तिवारीपुर, जगदेवपुर उर्फ बरेठी, उमरी मय टटिहरा, रूदापुर, चिलौड़ी, मंसी खुर्द, पाली, आटा, कनौजा खुर्द, कनौजा कला, बीरकाजी, चक अबूसईद उर्फ पूरे मियां, चक मोहम्मद उर्फ पूरे सूदी, रामपुर मय केशवराय मनिकापुर

तहसील हंडिया हेबतपुर, सराय मांद, अजेहरा, डुढ़ुआ, रामपुर, गुलचपा, देवली, बरियारी, दलपतपुर, जनुवाडीह कला, गुरगो, प्रतापपुर कलां, हिरामनपुर, मोइनउद्दीनपुर, शहाबपुर, सराय ममरेज, काजीपुर साथर, भदारी, सैदहासाथर, मडियारवारी, वारी, मड़वा, मडियारी ता. छनौता, पुरेमिश्र, भोजराजा, नीबीवारी, बसेगित, देवबरा, पुरसतभामा, महाराजपुर इस परियोजना के लिए प्रभावित होंगे। जहां गंगा एक्सप्रेसवे का अंतिम छोर प्रस्तावित है। यही बिंदु विंध्य एक्सप्रेसवे के साथ कनेक्टिविटी का मुख्य केंद्र बनेगा।

विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण से न सिर्फ यात्रा समय और दूरी कम होगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खासकर पूर्वी और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के लिए यह परियोजना आर्थिक गतिविधियों को नई गति दे सकती है।

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