
दैनिक किरनः राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को वृंदावन स्थित श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज से विशेष मुलाकात की। यह भेंट पूरी तरह आध्यात्मिक माहौल में हुई, जहां राष्ट्रपति ने साधु-संतों की परंपरा के अनुसार जमीन पर बैठकर महाराज के प्रवचन सुने।मुलाकात के दौरान भक्ति, निस्वार्थ सेवा और ‘नाम जप’ के महत्व पर गहन चर्चा हुई। संत प्रेमानंद महाराज ने जीवन में आध्यात्मिक साधना, विनम्रता और सेवा भाव को अपनाने पर जोर दिया। राष्ट्रपति मुर्मू ने भी इन मूल्यों को समाज के लिए आवश्यक बताते हुए अपनी श्रद्धा व्यक्त की।बताया गया कि यह मुलाकात पूरी तरह निजी और सीमित दायरे में रखी गई थी। कुटिया के भीतर केवल राष्ट्रपति, उनके परिवार के सदस्य और संत के करीबी शिष्य ही मौजूद थे। इस दौरान किसी प्रकार की औपचारिकता या सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं रखा गया, जिससे आध्यात्मिक संवाद का माहौल और अधिक शांत और केंद्रित बना रहा।इस मुलाकात को राष्ट्रपति के आध्यात्मिक रुझान और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति उनके जुड़ाव के रूप में भी देखा जा रहा है।


