“दुनिया विनाश की दिशा में बढ़ रही है।”

दैनिक किरनः आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष पर कहा कि युद्ध मुख्यतः स्वार्थ और वर्चस्व की लालसा से पैदा होते हैं। लगातार हो रहे युद्ध और अस्थिरता के कारण वैश्विक स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। उनका मानना है कि स्थायी शांति केवल एकता, अनुशासन और धर्म के पालन से ही संभव है। बीते 2000 वर्षों में दुनिया ने विवाद सुलझाने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन उनमें बहुत कम सफलता मिल पाई है।

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